raigarh express

Raigarh Express, news of raigarh chhattisgarh

Saturday, January 25, 2020
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छत्तीसगढ़ में लूट-खसोट के अड्डों में तब्दील हो गए हैं सरकारी शराब दुकान
रायगढ़ से हर महीने भूपेश सरकार शराब से 4 करोड़ से ज्यादा की अवैध वसूली कर रही
आसपास
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एक बार फिर लगेगा केलो की महाआरती का मेगा शो
ओपिनियन
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हर वर्ष होती है 150 करोड़ रुपये की पुस्तकें कबाड़
ओपिनियन
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विधायक पुत्र मारपीट मामला : एक युवक ने किया आत्महत्या का प्रयास
हमारे बच्चे
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विधायक पुत्र रितिक नायक की दबंगई
आसपास
छत्तीसगढ़ में लूट-खसोट के अड्डों में तब्दील हो गए हैं सरकारी शराब दुकान
रायगढ़ से हर महीने भूपेश सरकार शराब से 4 करोड़ से ज्यादा की अवैध वसूली कर रही
विधायक पुत्र रितिक नायक की दबंगई
सियासी रसूख के सामने पुलिस ने टेके घुटने और की एकतरफा कार्रवाई, कोतवाली में पूरी रात चला सियासी ड्रामा
जीवजगत खतरे में ! बच्चों, बुजुर्गों और भावी पीढ़ी को बचाने की चुनौती
पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त एवं कारगर कदम उठाने की जरूरत
विधायक प्रकाश शक्राजीत नायक, न घर के रहे न घाट के
फेसबुक पोस्ट पर लिखा उमेश ही उनके नेता, थर्ड फ्रंट के लिए असंतुष्ट कांग्रेसियों को ठहराया जिम्मेदार
शहर सरकार म एदारी कांग्रेस के बारी, भाजपा के लहुट गिस डोंगा
जानकी बनीं महापौर, जयंत बने सभापति, भाजपा के लिए सबसे बुरा वक्त
महापौर-सभापति के लिए कांग्रेस में सिरफुटौव्वल, वीटो पावर नंदेली हाउस के पास
क्रॉस वोटिंग के लिए भाजपा की गोपनीय रणनीति, बीती रात सारे गुट थे एक साथ
न कांग्रेस जीती न भाजपा हारी
नगर निगम चुनाव में जनता ने दिया खंडित जनादेश, कांग्रेस को 24 तो भाजपा को 19 सीटें
छिटपुट हिंसा के बीच मतदान संपन्न, जनता दे सकती है खंडित जनादेश
79.77 रायगढ़ जिले का मतदान प्रतिशत,शहर में पड़े 66.77 फीसद वोट
रायगढ़ में बारिश, शीतलहर और फिर धुंध की चेतावनी
नए साल के दूसरे दिन हुई बारिश, यलो हुआ ऑरेंज अलर्ट
धरमजयगढ़-पत्थलगांव में जमीं ओस, ठिठुर रहा है पूरा जिला
वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर पश्चिम से होने के कारण तापमान में इतनी गिरावट देखी जा रही है, देश की राजधानी में तापमान आज सुबह 2.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो कि गत 115 सालों के न्यूनतम तापमानो में से एक है। छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तरी हिस्से में आज तापमान 1 डिग्री सेल्सियस (मैनपाट) में रिकार्ड किया गया जो राज्य का न्यूनतम तापमान है। रायगढ़ जिले में आज का न्यूनतम तापमान आज के सामान्य न्यूनतम तापमान से 5.1 डिग्री सेल्सियस काम था। जिसके कारण सुबह से ही पूरा जिला ठिठुर रहा है। पत्थलगांव और धरमजयगढ़ में भी ओस के जमने की खबरें आई हैं। यहां आज न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के करीब रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि आज दिनभर शीतलहर चलेगी। मौसम साफ होने से दोपहर में धूप तो लगेगी पर ठंड का बराबर अहसास होगा। शहर में आज सुबह का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। आज रात और भोर में तापमान के 5 डिग्री जाने का अनुमान है। इस लिहाज से आज साल का सबसे ठंडा रहेगा क्योंकि इसके बाद ठंड धीरे-धीरे कम होती जाएगी। आगामी तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री तक और अधिकतम तापमान 23 डिग्री तक रहने का अनुमान है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच काफी अंतर होने से ठंड ज्यादा लगती है। परसों की हल्की बारिश के बाद कल से अभी दृश्यता भी काफी ज्यादा बढ़ी है, जिसका कारण है कि वातावरण के धूल के कण की मौजूदगी। qqq नए साल में हो सकती है बारिश मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार क्रिसमस के बाद इस साल नए साल में बारिश की आशंका है। मौसम में ये वदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण है। जिसके पूर्वी हवाओं से क्रिया से 31 दिसम्बर, 01 और 02 जनवरी 2020 को बारिश की संभावना है। जिसके प्रभाव से ठंडी पुनः बढ़ने की आशा है। विदित हो कि इस पूरे सर्दी के मौसम में तापमान अपने निचले स्तर पर नहीं आ पा रहा है। उत्तर और उत्तर पूर्व से हवाएं आने से तापमान कम होता है जो राजस्थान और हिमालय से बह कर आती हैं। जबकि ओडिशा और बंगाल से आने वाली हवाएं अपेक्षाकृत गर्म और नमी/बारिश लाती हैं। बहरहाल, न्यूनतम तापमान आज सुबह 7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। ये स्थिति आने वाले 2 दिनों तक जारी रहेगी। इस दौरान "कोल्ड डे" वाली परिस्थिति बनी रहेगी जब आपको दिन की तेज धूप भी तरावट देगी।
साल का सबसे ठंडा दिन आज रहेगा
31 दिसंबर से 2 जनवरी तक बने बारिश के आसार
आने वाले दो दिनों में हल्की बारिश की संभावना
मौसम साफ होने के बाद बढ़ेगी ठिठुरन
विधायक पुत्र मारपीट मामला : एक युवक ने किया आत्महत्या का प्रयास
विधायक पक्ष की ओर से धमकी देने और दबाव बनाने का आरोप, युवा कांग्रेस के एक धड़े ने विधायक के खिलाफ खोला मोर्चा
अराजक औद्योगिकीकरण की आंधी में कहां खो गया मेरा शहर
21वीं सदी के तीसरे दशक में दाखिल हो रहा मरता हुआ रायगढ़
केआईटी ऐसे ही रहेगा या जीईसी बनेगा या फिर यूनिवर्सिटी !
फंड से नहीं होगा भला या तो सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज बने या फिर यूनिवर्सिटी
केआईटी की स्थिति गंभीर, अगले सप्ताह बीओजी की बैठक
तकनीकी शिक्षा संचालनालय की टीम पहली बार पहुंची केआईटी
एखर का भरोसा, चोला माटी के हे राम...
रंगकर्मी पूनम तिवारी को दिया गया 11वां शरदचंद्र वैरागकर स्मृति रंगकर्मी सम्मान
विश्व की महान शिक्षक मदर टेरेसा को रायगढ़ से था खास लगाव
शिक्षक दिवस विशेष : संत मदर टेरेसा की पुण्यतिथि भी आज, नोबेल पुरस्कार मिलने के बाद रायगढ़ ने किया था उनका भव्य स्वागत
विवादों से घिरा चक्रधर समारोह, आयोजन और स्थल को लेकर जिला प्रशासन का अड़ियल रवैया
11 दिन बाद चक्रधर समारोह होना है। आयोजन स्थल की ऊहापोह को खत्म करते हुए कलेक्टर यशवंत कुमार ने रामलीला मैदान में कल टेंट लगाने का पूजन भी कर दिया। विरोध करने लोग आए पर कलेक्टर ने दो टूक कहा कि 14 दिन के लिए अंदर कर दूंगा। फिर भी कुछ लोग मैदान में आयोजन का विरोध कर रहे हैं। रामलीला मैदान बचाओ समिति और भाजपा युवा मोर्चा ने गुरुवार रामलीला मैदान में चक्रधर समारोह के आयोजन के विरोध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। गुरू शिष्य परंपरा के अनुसार कलाकारों के चयन करने पर नोडल अधिकारी ने रायगढ़ के कुछ नाम गिनाए और कुछ को सीधे रायपुर से रेफर होना बताया। लेकिन इस बार कितनी पारदर्शिता बरती जाएगी वो पेमेंट के वक्त पता चलेगा। विदित हो कि कुछ खास लोगों को बारंबार चक्रधर समारोह में बुलाने और मोटी रकम देने से जिला प्रशासन की किरकिरी कई दफे हुई है। इस भ्रष्टाचार में जिला प्रशासन, चयन समिति और समन्वय समिति की मिलीभगत थी। जिसने चक्रधर समारोह जैसे बड़े आयोजन की साख पर बट्टा लगाया। प्रशासन से उम्मीद थी कि इस बार भी चयन समिति में पारदर्शिता बरती जाएगी लेकिन ऐसा हो ना सका। भले ही जिला प्रशासन कितना भी राग आलापे इस बार भी चयन समिति में कुछ ऐसे लोग शामिल थे जिनका कला और संस्कृति से कोई सरोकार नहीं है। qqq उप संचालक जनसंपर्क ने कलेक्टर की बात काटी चक्रधर समारोह के संदर्भ में कलेक्टर ने गुरुवार शाम 4 बजे कलेक्टोरेट सभाकक्ष में पत्रकार वार्ता रखी। रायगढ़ एक्सप्रेस के प्रतिनिधि ने कलेक्टर से यह सवाल किया कि चक्रधर समारोह कुछ लोगों के लिए 9 दिन का मौज बन जाता है और जिला प्रशासन उनका पूरा सहयोग करता है, कलेक्टर जवाब दे ही रहे थे कि खुद को फंसता हुआ देख उप संचालक जनसंपर्क उषा किरण बड़ाईक ने कलेक्टर की बात काट दी और सारे सवालों को वहीं खत्म कर दिया। यह सब कलेक्टर के सामने हो रहा था और वो मौन थे। जनसंपर्क के सूत्रों की मानें तो उपसंचालक की भूमिका भी आयोजन को लेकर संदिग्ध रही है। इस कारण खुद को फंसता हुआ देख उन्होंने कलेक्टर का ध्यान भटकाया। विदित हो कि करीब 3 साल से अधिक वर्ष से पदस्थ उषा किरण का अक्सर किसी न किसी से विवाद होता रहा है। बात चाहे साप्ताहिक समाचार पत्रों को विज्ञापन देने की हो या आम चुनाव के दौरान उन्हें पास जारी करने की हो। कुछ खास लोगों से हमेशा घिरी रहने वाली उपसंचालक ने हाल ही में एसडीएम रायगढ़ और डिप्टी कलेक्टर से संबंधित विवादित खबर को भी वाट्स-अप ग्रुप में शेयर किया था। जिसे आधिकारिक पुष्टि माना जाने लगा। विवाद बढ़ने पर सफाई दी कि उनके बच्चे ने गलती से खबर डाल दिया। इस मामले में उन पर कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। मजे की बात यह है कि इनका सालभर पहले रायपुर ट्रांसफर हो गया और अभी तक अटैच में जिला जनसंपर्क विभाग में हैं। कौन है नटवर सिंघानिया 9 दिन के चक्रधर समारोह में आपको नटवर सिंघानिया हमेशा एक बड़े रोल में दिखेंगे। अब ये किस हैसियत से आते हैं इसे जिला प्रशासन जाने क्योंकि रायगढ़ की जनता जानती है कि वो कौन है। चक्रधर समारोह को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बताने वाले कलेक्टर यशवंत कुमार भी नटवर सिंघानिया की पहेली नहीं बूझ पाए। रायगढ़ एक्सप्रेस के सवाल पर उन्होंने बताया कि वो राजपरिवार के प्रतिनिधि हैं। इसी हैसियत से वो चयन समिति में है। जबकि चक्रधर समारोह पूर्णत: शासकीय आयोजन है। जिसमें राजपरिवार के शामिल होने की बात ही नहीं है। देश लोकतांत्रिक गणराज्य है ऐसे में राजपरिवार और उसके प्रतिनिधि को जिला प्रशासन कैसे इतनी तवज्जो दे सकता है। qqq अपर कलेक्टर को लगाई फटकार पहले तो राजपरिवार को चक्रधर समारोह में शामिल करना जिला प्रशासन के लिए विवाद का कारण बना हुआ है। कई लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं। उसके बाद राजपरिवार के नाम पर राजनीतिक शरण पाए हुए लोगों को चयन समिति में शामिल करना उसके बाद राजपरिवार के प्रतिनिधि को शामिल करना जिला प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। बल्कि रायगढ़ के राजा विशाल बहादुर सिंह को चयन समिति से लेकर हर समिति से दूर रखा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात को लेकर काफी तू-तू मैं-मैं हुई। कलेक्टर राजा विशाल बहादुर को समन्वय समिति में शामिल करने की बात कर रहे थे लेकिन समन्वय समिति की बैठक नहीं हुई थी। इस पर कलेक्टर ने अपर कलेक्टर सुखनाथ अहिरवार को फटकार लगाई। राजा विशाल बहादुर ने रायगढ़ एक्सप्रेस को बताया कि वो 10 साल से रायगढ़ के राजा हैं लेकिन आज तक किसी भी चक्रधर समारोह में उन्हें शामिल नहीं किया गया है। राजा और राजपरिवार के नाम पर जिला प्रशासन हमेशा से पक्षपात करती है। राजनीतिक दल से जुड़े परिवार के कुछ सदस्यों पर जिला प्रशासन हमेशा मेहरबान रहती है जबकि आधिकारिक रूप से राजा मैं हूं और मेरे से कभी कोई संपर्क नहीं करता। qqq सांस्कृतिक भवन एक छलावा राज्य के मुख्यमंत्री हमेशा से कहते आए हैं कि जब सांस्कृतिक भवन बनेगा तब चक्रधर समारोह वहीं होगा। अब जब सांस्कृतिक भवन बन गया है तो समारोह के आयोजन के लिए तरह-तरह की बातें हो रही हैं। जगह कम है लोग कैसे बैठेंगे। क्या ये सवाल सांस्कृतिक भवन बनाने से पहले जिला प्रशासन के जेहन में नहीं आया था। अगर जानकर इसे छोटा बनाया गया है तो फिर यहां चक्रधर समारोह के आयोजन की बात करना भी बेमानी है। रामलीला मैदान में चक्रधर समारोह नहीं होगा इसी चुनावी वायदे से विधायक प्रकाश चुनावी मैदान में उतरे और जीते लेकिन आयोजन वहीं हो रहा है। विधायक झूठे साबित हुए। लोग हमेशा से समारोह के टेंट पर सवाल उठाते रहे हैं। लोगों का आरोप है कि एक टेंट हाउस विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन यह पूरा षड़यंत्र रचता है। ऐसे में सांस्कृतिक भवन रायगढ़ के लोगों के लिए छलावा है।
इंदिरा गांधी की इस फोटो ने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई पर अमेरिका जाने को किया मना
वर्ल्ड फोटोग्राफी डे पर विशेष : शिवशरण पाण्डेय, जिन्होंने बदल दी रायगढ़ के फोटोग्राफी की परिभाषा
एक बार फिर लगेगा केलो की महाआरती का मेगा शो
लगभग एक वर्ष पूर्व मैंने नमामी केलो : महाआरती नहीं महाभियान की जरूरत, शीर्षक से लेख लिखा था। आज फिर लिखने का मन हुआ क्योंकि एक वर्ष पश्चात भी केलो जस की तस ही रही। इस बार आपको परिवर्तन 15 जनवरी 2020 को नजर आएगा। वह यह कि पुन:महाआरती अभियान संपन्न होगा। बड़े-बड़े दानदाता, कॉरपोरेट कंपनियां, पर्यावरणविद और शहर की नामचीन हस्तियां पूरी श्रद्धा और भक्ति से इस अभियान को एकजुट होगीं। स्थानीय चैनल इस कार्यक्रम की स्टोरी कवर करेंगे और आगामी कुछ दिनों के बाद केलो मईया को फिर से भुला देगें। सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से होगा और रायगढ़वासी एक बार फिर छले जाएंगे। दरअसल, हम बेवकूफ ही नहीं बेशर्म हो भी हो चुके हैं आधुनिक संस्कारों ने हम से हमारी अस्मिता छीन ली। नतीजतन, नदियां जो हमारे धर्मों में पूजनीय थीं अब पूरी तरह औद्योगिकीकरण के चलते बिकाऊ बन चुकी हैं। उद्योग से लेकर उसे अब बोतलों और पाऊचों में बेचा जा रहा है। qqq महाआरती, नदी के नाम पर सालाना जलसा केलो नदी, महानदी की सहायक नदी है उसे रायगढ़वासी महानदी के समकक्ष मानते हैं और महानदी को हम छत्तीसगढ़िया गंगा के समतुल्य समझते हैं। केलो के प्रति यह हमारी अब तक की आस्था रही है पर विगत दिनों संपन्न हुए निगम चुनाव के दौरान हर पार्टी के उम्मीदवारों ने वार्डवासियों को तरह-तरह के सब्जबाग दिखाए लेकिन दुख के साथ कहना पड़ता है कि शहर की जीवन रेखा कही जाने वाली केलो के लिए किसी ने भी एक शब्द कहनी जरूरी नहीं समझा। इसी चुनाव के दौरान यह पता चला कि निगम के विगत कार्यकाल में 1200 करोड़ का बजट था यदि यह सच है तो औसतन प्रति वार्ड 25 करोड़ रुपये की रकम आती है। यदि निगम प्रशासन और शहर सरकार सभी मिलकर 50 करोड़ की राशि भी केलो के जीर्णोद्धार के लिए एकमत होते तो शायद धीरे-धीरे मौत के आगोश में समाती केलो को जीवन दान मिलने की एक आस नजर आ सकती थी लेकिन आम जनता न इसे समझी और न ही इसे समझने का प्रयास करेगी। वह तो महाआरती का ड्रामा, तामझाम, नयनाभियान लाईटिंग, पंडाल, जसगीत, दिव्य आरती, सैकड़ों थाल, महाभोग में ही मस्त हो जाती है। महाआरती की भव्यता की सप्ताहभर चर्चा कर खुश हो जाएगी, आरती से केलो को प्रदूषण मुक्त करने के सपने संजो लेगी। हमें दशकों से घिसे-पिटे डेली सोप (सीरियल) देखने की आदत है। यह तो साल में एक बार होने वाला मेगा-शो है। qqq हर कोई करता है केलो का दोहन केलो को प्रदूषित करने में सबसे बड़ी भूमिका उन उद्योगों की ही रही है जिनके लिए नदी का अर्थ महज पानी का स्त्रोत है। जिसका दोहन वे अपने उद्योगों को चलाने के लिए कर सकें। इनके लिए नदी का और कोई अर्थ नहीं है। इन उद्योगों का अपशिष्ट पदार्थ और दूषित जल की निकासी केलो में होती आ रही है। इसे रोकने हेतु समय-समय पर कई ढपोल और कोरी योजनाएं भी बनाई गईं। जिन पर अमल की बात तो छोड़िये चर्चा भी नहीं होती क्योंकि इन सब के पीछे शासन-प्रशासन की मौन सहमति और जनता की उदासीनता है। जिन किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए केलो बांध का निर्माण हुआ था उस बांध का कितना पानी किसानों तक पहुंचा यह एक विचारणीय प्रश्न है। महाबेशर्म नगर निगम और जिला प्रशासन जिसे केवल अपने राजस्व से ही मतलब है वो केलो के लिए आज तक गंभीर नहीं है। निगम ने पानी सप्लाई के लिए पानी तो ले लिया पर नदी की सफाई के लिए सदैव पीछे हट जाती है। केलो के पानी से अपनी झोली भरने वाला जिला प्रशासन आज पर्यंत केलो को बचाने, संवर्धन के लिए ठोस कदम नहीं उठा पाया है। जहां तक मुझे पता है कि जिला प्रशासन के लिए केलो को बचाना या फिर उसकी साफ-सफाई कभी किसी ऐजेंडे में नहीं रहा है। महाआरती के दिन तमाम बड़े लोग, उद्योगों के प्रतिनिधि और जनता जनार्दन आएगी। जो तामझाम में बीच सेल्फी और अखबारी सुर्खियां बटोर कर अपना इतिश्री कर लेगीं। क्या इन बड़े लोगों ने कभी केलो के लिए कुछ किया या करेंगे ? एक आम जन केलो को लेकर कितना संवेदनशील है या गंदा नहीं करने को लेकर कितना दृढ़ संकल्पित है यह तो 192 किलोमीटर की केलो नदी के कहीं के भी 100 मीटर का हिस्सा ही बता देता है। कई जलचर प्राणियों की प्रजातियां विलुप्त हो गईं और किसी को हवा तक नहीं लगी। केलो का पानी इतना संक्रमित है कि अब यह सीधे पीने लायक नहीं बचा। इसके जलचर खाने से आपकी जान भी जा सकती है। qqq केलो को आरती नहीं उपचार चाहिए अंत में महाआरती धार्मिक आस्था की अभिव्यक्ति का माध्यम हो सकता है उसे ठेस पहुंचाने का कोई मकसद नहीं है लेकिन इस तरह एकदिवसीय आरती का वैभवपूर्ण प्रदर्शन कर शेष दिनों के लिए उसे विस्मृत कर दिया जाना यह उचित नहीं। सच्चा धर्म है यह कि हम केलो नदी की पवित्रता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए अपने स्तर पर प्रयास करें। यह प्रयास भले ही छोटे हों पर इससे फर्क पड़ेगा और यही केलो मईया की सार्थक आरती होगी क्योंकि हमारी केलो बहुत बीमार है इसे आरती नहीं उपचार चाहिए। qqq (लेखिका वरिष्ठ शिक्षाविद और समाजसेवी हैं, लेख में उनके निजी विचार हैं)
हर वर्ष होती है 150 करोड़ रुपये की पुस्तकें कबाड़
बच्चों की शत प्रतिशत दर्ज संख्या से भी अधिक पुस्तकें छापकर और वितरित कर राज्य सरकार को पहुंचाया जा रहा करोड़ो का नुकसान
युवाओं को तबाह कर रही कैच दैम यंग की नीति
ये मेरे देश के युवा हैं। मेरे शहर के युवा हैं। मेरे घर के युवा हैं.. अदरवाइज भले और मासूम व्यक्तित्व हैं। देश की आबादी का कोई 60 प्रतिशत युवा है। बांकेलाल के 37% समर्थकों में आधे यही युवा हैं, याने कोई 15 से 18% युवा ऐसी तख्तियों के साथ घूम रहे हैं। उग्रता के साथ हर किस्म की सरकारी बेहयाई के समर्थन में कुतर्क करते, तब कहाँ थे.. का नारा बुलंद करते देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए प्राण देने-लेने को तैयार हैं। अधिकांश गरीब परीवारों से हैं, अर्ध शिक्षित हैं, वित्तीय रूप से परिवार और बाहरी औचक कमाई पर निर्भर हैं। किसी काम धन्धे का अनुभव नहीं, पारिवारिक जिम्मेदारी का अनुभव नहीं, भविष्य की कोई योजना नहीं, कोई खाका नहीं। मोबाइल उठाकर देखिए , कम से कम 50 व्हाट्सप ग्रुप्स के सदस्य हैं। सबमें बराबर सक्रिय हैं। इस तरह की तख्तियों और पोस्टों में जो रिलीज किया जाता है, वो दो लाइने भी स्वरचित नहीं, कॉपी पेस्ट है। कैच देम यंग की नीति के साथ, इनके दिमागों में जो ठूंसा गया है.. वो इन्हें और इनके परिवेश को तबाह कर रहा है। इस तबाही का दायरा बढ़ाने के लिए हर सम्भव प्रयास करते हैं, और शाबासी पाते हैं। अपने भविष्य से बेपरवाह युवा, फासिज्म के रास्ते देश का भविष्य बनाने निकला है। जी हां, सुप्रीम लीडर को निपट लेंगे, निपटा देंगे का आश्वासन देने वाला मिलिशिया फासिज्म का इंटीग्रल हिस्सा होता है, जरूरी हिस्सा होता है। इतिहास गवाह है कि फासिज्म उन्हीं के बूते बढ़ता और चढ़ता है। भाजपा एक बेहतरीन पार्टी हुआ करती थी। नीतियों से असहमत हुआ जा सकता था, मगर सामुदायिक नेतृत्व और विचार विमर्श से बढ़ने वाली संस्कृति कभी सिर्फ भाजपा में थी। मगर अब वह मुंजे के जमाने की पुरातन जड़ों की ओर लौट चुकी है। प्रतिगामी राजनीति का कोई युवा पहरुआ आपके अपने घर में हो, तो उसे बिठायें, समझाएं। ये वक्त नाजुक है, इस वक्त युवा जोश नही, बल्कि इतिहास, समाजशास्त्र और प्रशासन का अनुभव रखने वाले अनुभवियों के होश की जरूरत है। ईश्वर से प्रार्थना है कि इन पर प्रभाव रखने वाले किसी अनुभवी तक ये बात पहुंचे, जो इन युवाओं को बिठाकर समझाए। (लेखक शिक्षाविद होने के साथ-साथ अंचल के मशहूर समाजसेवी हैं, लेख में उनके निजी विचार हैं।)
गौरवशाली अतीत का वर्तमान बदशक्ल चेहरा
संदर्भ : पुरानी बस्ती को वहीं के नुमाइंदों ने बर्बाद किया
हरि बोल, जय जगन्नाथ के उद्घोष के साथ निकली रथयात्रा, देखें गैलरी
रायगढ़ में दो दिनों की रथयात्रा आयोजित होती रही है। इसी क्रम में आज रथ द्वितिया के दिन शहर के प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से भगवान श्री को विधिविधान पूर्वक पूजा अर्चना पश्चात मंदिर के गर्भगृह तथा मंदिर परिसर से जय जगन्नाथ के जयघोष और घंट शंख ध्वनि के बीच ससम्मान बाहर निकाला गया। राजापारा स्थित प्रांगढ़ में मेले सा माहौल था और हजारो की संख्या में श्रद्धालु भक्तगण भगवान श्री के दर्शन करने के लिए पहुंचे हुए थे। इससे पहले कल भगवान जगन्नाथ की विधि विधान से पूजा की गई जिसे फोटोग्राफर वेदव्यास गुप्ता ने अपने कैमरे में कैद किया।
इप्टा रायगढ़ के 25वें राष्ट्रीय नाट्य समारोह एवं फिल्म फेस्टिवल की झलकियां
27 से 31 जनवरी तक पॉलिटेक्निक ऑडिटोरिम में इप्टा रायगढ़ द्वारा 25वां राष्ट्रीय नाट्य समारोह एवं फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया गया। जिसमें चार नाटक एवं दो फीचर फिल्में दिखाई गईं। समारोह की शुरुआत रायपुर के मशहूर रंगकर्मी मिर्जा मसूद को 10वां शरदचंद्र वैरागकर अवार्ड देकर की गई। यह कूवत सिर्फ रंगमंच रखता है जो वर्तमान सत्ता के मठाधीशों पर अजब मदारी गजब तमाशा नाटक के माध्यम से सीधे कटाक्ष कर सकता है। जहां एक मदारी को राजा बना दिया जाता है, शब्दों के अस्तित्व को खत्म कर दिया जाता है। बंदर राष्ट्रीय पशु बन जाता है। गांधी चौक नाटक में गांधीजी की प्रतिमा स्वयं यह चलकर वहां से हट जाती है कि जब रक्षक की भक्षक बन गए तो कोई क्या कर सकता है। नोटबंदी और जीएसटी पर गांव वाले सीधे प्रहार करते हैं। सुबह होने वाली है की लेखी अभिव्यक्ति की आज़ादी पर प्रतिबंध होने के बाद लोगों को जागरूक करने को किताब लिखती और किताब को ही फांसी हो जाती है। बोल की लब आजाद हैं तेरे लोगों को दर्शकदीर्घा में झकघोर के रख देती है। तुरूप और भूलन जैसी फिल्में लोगों के मनोरंजन के अलावा दमदार संदेश भी देती है। तो देखें इस शानदार नाट्य समारोह एवं फिल्म फेस्टिवल की कुछ झलकियां
70 वें गणतंत्र दिवस के फुल ड्रेस रिहर्सल की मनमोहक तस्वीरें
जिले में 70वां गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल दो दिन पहले की जाती है। महीने भर से चल रही तैयारी को 25 जनवरी के दिन आराम दिया जाता है। इस गणतंत्र दिवस समारोह के रंग को देखिए इन तस्वारों से...
तस्वीरों में देखें 19वें युवा महोत्सव के रंग
खेल एवं युवा कल्याण विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा रायगढ़ स्टेडियम, पॉलीटेक्निक ऑडिटोरिम और न्यू ऑडिटोरियम में तीन दिवसीय 19 वां राज्य स्तरीय उत्सव संपन्न हुआ। जिसमें सूबे के 27 जिलों के युवाओं ने भाग लिया। तीन दिन तक शहर के लोगों को प्रदेश के लोकरंग, लोक संस्कृति, लोक नृत्य की झलक देखने को मिली। तीन दिन चले इस युवा उत्सव की चुनिंदा फोटो को हमने अपनी गैलरी में शामिल किया है।
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